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गाडविन पब्लिक स्कूल घल्लू की छात्रा सोनाली का साफ्टबाल गेम्स कैनेडा में चयन

फाजिलका-(दलीप दत्त)-पंजाब के युवाओं द्वारा नशे की दलदल में फंसकर अपना जीवन व भविष्य खराब करने के बीच सुखद व राहत देने वाली खबर है कि फाजिल्का के गांव घल्लू में स्थित गाडविन पब्लिक स्कूल की होनहार छात्रा सोनाली का कैनेडा में साफेटबाल गेम्स में चयन हो गया है। इस सबमें विशेष बात यह है कि छात्रा सोनाली ने यह उपलब्धि बिना किसी सरकारी सहायता के अपने माता पिता तथा गाडविन स्कूल के मैनेजिंग डायरैक्टर जगजीत सिंह बराड़ व प्रिंसिपल मैडम लखविन्द्र कौर बराड़ के मार्गदर्शन व सहायता से हासिल की है।
जानकारी अनुसार गांव खिप्पांवाली निवासी अनिल कुमार की होनहार बेटी सोनाली की 12वीं कक्षा तक की पढ़ाई गाडविन पब्लिक स्कूल घल्लू में हुई। सोनाली में साफ्टबाल के प्रति झुकाव को देखते हुए गाडविन पब्लिक स्कूल के प्रबंधकों व कोच रमेश कुमार ने उसकी प्रतिभा को निखारने में कोई कसर नहीं छोड़ी। इन्ही प्रयासों व सोनाली की मेहनत के स्वरूप उसने एशियन चैंपियनिशप 2016 खेली तथा नैशनल गेम्स में शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मैडल जीता। लेकिन इस साफ्टबाल गेम्स में शानदार उपलब्धियों के बावजूद सरकार ने होनहार खिलाड़ी सोनाली की कभी भी मदद करने की जरूरत नहीं सोची। लेकिन फिर भी सोनाली अपने स्कूल की मदद से लगातार राज्य व नैशनल स्तर पर शानदार प्रदर्शन करती रही। परंतु सरकार की तरफ से कोई सहयोग न मिलने के कारण विश्व साफ्टबाल गेम्स में खेलने का सपना पूरा नहीं कर पाई।
लेकिन कहते हैं कि अगर खुद में मेहनत, लग्र तथा दृढ निश्चय हो तो फिर कोई भी उसका रास्ता नहीं रोक सकता। ऐसा ही कुछ सोनाली के साथ हुआ। सोनाली ने लगातार अपने गेम्स के लिये प्रयास जारी रखे और अब उसका चयन कैनेडा के सैनियका कालेज महिला साफ्टबाल टीम में हो गया है। इस टीम में चुनाव के लिये हुए ट्रायल में सोनाली ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए अपनी जगह पक्की की। सोनाली कैनेडा में इंटर कालेज साफ्टबाल गेम्स में जीत हासिल कर चुकी है। सोनाली द्वारा अनेकों संघर्ष तथा आॢथक समस्या के बीच कैनेडा की टीम में चयनित होना काबिले तारीफ है लेकिन यह भी दुखद है कि न तो पंजाब सरकार और न ही भारत सरकार ने प्रतिभाशाली खिलाड़ी को मान सम्मान दिया। सोनाली जैसी प्रतिभाशाली व होनहार खिलाड़ी को अपने तो पराया कर दिया लेकिन गैरों ने अपना लिया। सरकार की उपेक्षाओं का शिकार सोनाली आज कैनेड़ा में अपने देश हिन्दुस्तान, फाजिल्का व गाडविन पब्लिक स्कूल घल्लू का नाम चमका रही है।
ज्यादा खुशी होती कि हिन्दुस्तान के लिये खेलती: सोनाली
इस होनहार खिलाड़ी सोनाली ने अपनी वीडियो शेयर करते हुए कहा कि उसे खुशी है कि वो कैनेडा में साफ्टबाल गेम्स खेल रही है लेकिन इससे ज्यादा खुशी होती कि अगर वो अपने देश हिन्दुस्तान के लिये खेलती। उसने कहा कि उसकी उपलब्धि में माता पिता, गाडविन पब्लिक स्कूल के मैनेजिंग डायरैक्टर जगजीत सिंह बराड़ व प्रिंसिपल मैडम लखविन्द्र कौर बराड़ तथा कोच रमेश कुमार का भरपूर सहयोग रहा। लेकिन सरकार ने कभी छोटी सी मदद करने की भी जरूरत नहीं समझी। यहीं वजह है कि उसे आज कैनेडा में आकर खेलना पड़ रहा है। सोनाली ने स्पष्ट रूप से कहा कि भारतीय खिलाडिय़ों में प्रतिभा की कमी नहीं है और हम आसानी से ओलिम्पक्स में मैडल जीत सकते हैं लेकिन सरकार को अपनी नीति बदलते हुए गंभीर होने की जरूरत है। उसने कहा कि आज अनेकों भारतीय खिलाड़ी विदेशी टीमों में खेल रहे हैं। उसने भारत सरकार व राज्य की सरकारों से अपील करते हुए कहा कि आज ऐसे खिलाडिय़ों को संभालने की जरूरत है।
आज होनहार खिलाडिय़ों को संभालने की आवश्यकता: जगजीत बराड़
गाडविन पब्लिक स्कूल के एमडी जगजीत सिंह बराड़ ने कहा कि उन्हें व पूरी मैनेजमैंट को सोनाली की उपलब्धि पर गर्व है। लेकिन सरकार को आज प्रतिभाशाली खिलाडिय़ों को संभालने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि भारत के पास हर खेल में प्रतिभाशाली खिलाडिय़ों की फौज है लेकिन उन्हें सरकारी प्रोत्साहन तथा प्रेरणा की जरूरत है। एमडी बराड़ ने कहा कि आज पंजाब में अनेकों ऐसी खेलें हैं जिनकी सरकार द्वारा ग्रेडेशन नहीं की गई है जिस कारण अनेकों प्रतिभाएं ग्रेडेशन न मिलने के कारण रास्ते में ही दम तोड़ जाती हैं। उन्होंने कहा कि आज सभी खेलों को बिना भेदभाव प्रोत्साहित करने की जरूरत के साथ साथ प्रतिभावान खिलाडिय़ों को संभालने की आवश्यकता है ताकि खिलाडिय़ों का भारत से विदेशों की तरफ पलायन को रोका जा सकेे।

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